राष्ट्र क्या है? समाज, संगठन, सरकार, राज्य और राष्ट्र में अंतर और परिभाषा ( 2024 )

राष्ट्र क्या है? समाज, संस्था, सरकार राज्य और राष्ट्र में अंतर और परिभाषा ( 2024 )

Nation in Hindi: – राष्ट्र क्या है? जब हम राज्य, राष्ट्र, समाज, सरकार और संस्था के बारे में पढतें हैं तो हमें इनके बीच अंतर का पता चलता हैं बीए प्रथम वर्ष में राजनीतिक विज्ञान पढने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह टॉपिक बहुत महत्त्वपूर्ण हो जाता हैं 

क्योकि यह उनके पाठ्क्रम का एक हिस्सा होता हैं राज्य को समाज बनाता हैं और समाज में लोगो का होना राज्य बनने के लिए महत्वपूर्ण तत्व के रूप में होता हैं परन्तु एक संस्कृति के लोगो से मिलकर एक राष्ट्र का निर्माण होता हैं 

हर राज्य को चलाने के लिए सरकार जरुरी होती हैं क्योकि राज्य की हर पॉवर का उपयोग सरकार के द्वारा किया जाता हैं समाज में लोगो के संघटित समूह से संस्था का निर्माण होता हैं

राष्ट्र क्या है? समाज, संस्था, सरकार राज्य और राष्ट्र में अंतर और परिभाषा ( 2024 )

परन्तु, एग्जाम में इनके बीच अंतर लिखने के लिए हमें अधिक अच्छे से यह विषय समझना होगा राज्य, राष्ट्र, समाज, सरकार और संस्था में अंतर इनकी परिभाषा को भी बताएगा इसीलिए सभी स्टूडेंट्स इस लेख को एग्जाम के लिए अच्छे से तैयार करें 

राज्य और समाज में अंतर? ( State and Society Difference )

राजनीतिक विज्ञान में राज्य सिर्फ उसे कहा जा सकता हैं जिसके पास भूमि – भाग, सरकार, जनसंख्या और संप्रभुता होती हैं उदहारण के लिए, इंडिया क्योकि इंडिया ( भारत ) के पास भूमि, जनसंख्या, सरकार और संप्रभुता हैं 

भारतीय सविधान के आर्टिकल 1, के अनुसार भारत एक राज्यों का संध हैं जिसके राज्य उसकी यूनिट हैं जिनसे मिलकर भारत एक राज्य बना है मतलब बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब यह सभी भारत के यूनिट हैं

क्योकि इन सभी यूनिट के ऊपर सेंट्रल पॉवर ( सेंट्रल गवर्मेंट ) हैं इसीलिए राजनीतिक विज्ञान ( पॉलिटिकल साइंस ) में अमेरिका, चीन, रूस, फ़्रांस, इटली यह सभी राज्य हैं क्योकि इन सभी राज्यों के पास भूमि, जनसंख्या, सरकार और संप्रभुता हैं

जबकि सोसाइटी ( समाज ) का मतलब देश में बने लोगो के ग्रुप से होता हैं जिसमें लोग एक दुसरे के साथ समाजिक रिलेशनशिप में बंधे हुए होतें हैं साधारण शब्दों में कहा जाए, समाज ( सोसाइटी ) से मिलकर राज्य बना हैं

Maclver ( रॉबर्ट मॉरिसन मैकाइवर ) – राज्य और सामज में अंतर करने के लिए रॉबर्ट मॉरिसन मैकाइवर ने कहा कि राज्य और समाज में अंतर करने पर एक कंफ्यूजन पैदा हो जाएगा क्योकि इन दोनों के बीच में कोई अंतर नहीं हैं राजनीतिक थिंकर रूसो ( Rousseau ) भी इनका समर्थन करते हैं

परन्तु प्रचीन काल में राज्य की यूनिट को Polis कहा जाता था उस समय यूनानी थिंकर्स सुकरात, प्लेटो, अरस्तु ने कहा कि समाज ही राज्य हैं और राज्य हो समाज हैं इनमे कोई अंतर नहीं हैं 

राज्य ( State )  समाज ( Society )
राज्य का उदय समाज के बाद हुआ हैं क्योकि लोगो ने मिलकर राज्य को बनाया हैं  समाज का उदय राज्य से पहले हुआ हैं क्योकि सामज के लोगो ने अपनी सहमति के बाद राज्य को बनाया हैं
राज्य लिमिटेड होता हैं क्योकि हर राज्य की स्पष्ट भौगोलिक सीमा हैं परन्तु, समाज, राज्य से बड़ा होता हैं उसकी कोई सीमा नहीं होती हैं वर्तमान समय में भारत के लोग दुनिभर के लगभग 97 देशो में रहते हैं
राज्य एक राजनीतिक संगठन होता है जिसमें हम राज्य के स्ट्रक्चर, सरकार, संसद की बात करते हैं समाज एक समाजिक संगठन होता है क्योकि इसमें समाज में रहने वाले लोगो के कल्चर, भाषा, धर्मं, जाति, इतिहास पर बात करते हैं
राज्य के पास एक ऐसी पॉवर होती हैं जिसके कारण वह उस राज्य में क़ानून को बनाकर लागु कर सकती हैं और उस राज्य में रहने वाले सभी लोग उन कानून का पालन करते है समाज के पास ऐसे कोई पॉवर नहीं हैं जिससे वह राज्य में कानून बनाकर उसको लागु करें और लोग उसका पालन करें 
राज्य एक आर्टिफीसियल हैं क्योकि समाज के लोगो ने मिलकर राज्य को बनाया हैं परन्तु समाज नेचुरल हैं क्योकि समाज लोगो के समहू से बना हैं और लोग पहले से नेचुरल है
राज्य एक साधन हैं क्योकि राज्य समाज की इच्छाओ को पूरा करता है समाज एक साध्य हैं क्योकि समाज, राज्य का एक लक्ष्य होता हैं कि राज्य हमेशा समाज के लोगो के लिए काम करें
राज्य के पास संप्रभुता हैं क्योकि बिना संप्रभुता के राज्य नहीं बनता हैं सोसाइटी ( समाज ) के पास संप्रभुता नहीं होती हैं
राज्य के पास पॉवर का जनरल नियम हैं जिससे वह कानून बना सकता है समाज के पास जनरल नियम होते है परन्तु, यह राज्य के जनरल नियम से अलग होते हैं उदहारण के लिए, बड़ो का आदर करना | यह सभी समाज में आदतें होती हैं जो समाज के द्वारा बनाये जाते हैं परन्तु समाज कोई कानून नहीं बना सकता हैं
राज्य के काम करने का दायरा क्लियर होता हैं यह सब लिखा हुआ होता हैं सोसाइटी ( समाज ) में किये जाने वाले काम लिखें हुए नहीं होते हैं कि हमें बड़ो से नमस्ते करनी ही हैं, परन्तु समाज के अनुसार यह करना महत्वपूर्ण हैं
राज्य के पास जो कानून हैं लोग उसका पालन करते हैं और जो इन कानून का उल्लंघन करता हैं उसको सजा मिलती है जो फिजिकल और जेल या दोनों हो सकती हैं लेकिन समाज से बनाये गए नियमो का पालन न करने पर कोई सजा नहीं मिलती हैं 

नोट – बिना समाज के राज्य का कोई महत्त्व नहीं हैं और बिना राज्य के समाज नहीं चल सकता हैं इसीलिए राज्य और समाज दोनों एक दुसरे पर निर्भर हैं और एक दुसरे से जुड़े हुए हैं 

राज्य और संगठन में अंतर ( State and Associations Difference )

संगठन लोगो के एक संघटित समूह से बनती हैं जो एक दुसरे के साथ मिलकर एकता में रहते हैं इन लोगो का एक ऐसा उद्देश्य होता हैं जिनको यह लोग समूह एकता द्वारा प्राप्त करना चाहते हैं

उदहारण के लिए, एक परिवार, क्योकि यह परिवार के सदस्यों से मिलकर बना एक समूह हैं जिसमें लोग एक दुसरे के साथ मिलकर रहते हैं एक परिवार का उद्देश्य खुश रहना होता हैं

राज्य भी एक संस्था होती हैं जो राज्य में रहने वाले सभी नागरिको की भलाई के बारे में सोचती हैं जिसमे एजुकेशन के लिए क्या करना हैं, लोगो के लिए क्या करना हैं, देश के लिए क्या करना हैं

राज्य ( State ) संस्था या संगठन ( Associations )
राज्य में रहने वाले मनुष्य को राज्य की नागरिकता लेना बहुत जरुरी हैं मनुष्य के लिए किसी संस्था का सदस्य बनना जरुरी नहीं होता हैं
एक मनुष्य एक समय पर केवल एक राज्य की नागरिकता प्राप्त कर सकता हैं एक समय में एक मनुष्य कई संस्था का सदस्य बन सकता हैं
राज्य एक संस्था हैं परन्तु, संस्था की एक सीमा होती हैं लेकिन संस्था की कोई सीमा नहीं होती हैं क्योकि कुछ संस्था इंटरनेशनल भी होती हैं
राज्य का उद्देश्य जनरल होता हैं जिसमें कानून बनाना, आदेश देना, कानून लागु करना शामिल हैं किसी संस्था का उदेश्य किसी एक स्पेशल लक्ष्य पर फोकस करना होता हैं
राज्य कई यूनिट से बना एक संघ होता हैं उदहारण के लिए, भारत कई यूनिट से बना एक संघ हैं इसीलिए, राज्य का चरित्र राष्ट्रीय है संस्था का संबंध केवल राष्ट्रीयता ( देश लेवल पर ) से नहीं होता हैं वह धार्मिक या इंटरनेशनल ( विश्व लेवल पर ) हो सकती हैं उदहारण के लिए भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) नेशनल हैं और UNO एक इंटरनेशनल संस्था हैं
राज्य संप्रभु होता है क्योंकि सभी संस्था राज्य के अंडर में होती हैं अगर कोई राज्य के कानून का उल्लंघन करता हैं तो राज्य इसको सजा दे सकता है संस्था का उद्देश्य राज्य की मदद करके उनके काम को कम करना होता हैं उदहारण के लिए, एक ऐसी संस्था जो एजुकेशन को बढ़ावा देती हैं

 

राज्य और सरकार में अंतर ( State and Goverment Difference Hindi )

राज्य चार चीजो से मिलकर बनता हैं जिसमें भूमि भाग, जनसंख्या, सरकार और संप्रभुता शामिल हैं राज्य एक सीमा होती हैं जो एक बिना जान वाली मूर्ति के सामान हैं परन्तु, उस राज्य को एक आत्मा बनकर चलाने के लिए राज्य ( देश ) की गवर्मेंट होती हैं

राज्य के अभी काम राज्य के नाम पर उस राज्य की गवर्मेंट के द्वारा किये जाते हैं सरकार का काम राज्य को जनता के लिए अनुशासित तरह से चलाना होता हैं जिसमें वह राज्य के लिए क़ानूनी भी बनाती हैं

गार्नर – गार्नर ने कहा कि सरकार, राज्य की एक एजेंसी हैं जो राज्य से बड़ी नहीं हो सकती हैं, राज्य का काम सरकार करती हैं

राज्य ( State ) सरकार ( Goverment )
राज्य के पास पॉवर होती हैं जो संविधान के द्वारा केवल राज्य को मिलती हैं सरकार के पास कोई पॉवर नहीं होती हैं राज्य के नाम पर पॉवर होती हैं परन्तु, इन पॉवर का उपयोग सरकार के द्वारा किया जाता हैं
राज्य बड़ा होता हैं क्योकि उसमे रहने वाले सभी नागरिकों से मिलकर राज्य बनता हैं सरकार राज्य की एक छोटी यूनिट हैं क्योकि इसमें केवल सरकार के लिए काम करने वाले लोग शामिल होते हैं
हम राज्य को देख नहीं सकतें हैं परन्तु राज्य परमानेंट होती हैं सरकार राज्य का एक घटक होती हैं क्योकि सरकार के बिना राज्य नहीं बनता हैं
राज्य अपनी जगह पर हमेशा के लिए परमानेंट स्थिर होता है मतलब अगर हम किसी राज्य का मैप देखे तो यह अपनी जगह पर ही रहेगा परन्तु, सरकार को मनुष्य के संगठन के रूप में देखा जा सकता हैं उदहारण के लिए, भारतीय सरकार, अमेरिकन सरकार, लेकिन सरकार परमानेंट नहीं होती हैं
हर राज्य ( देश ) को सरकार द्वारा चलाया जाता हैं सरकार का सिस्टम हर राज्य के हिसाब से अलग होता हैं उदहारण के लिए इंडिया में संसद शासन व्यवस्था हैं और अमेरिका में अध्यक्षीय शासन व्यवस्था हैं
राज्य के पास संप्रभुता पॉवर हैं सरकार के पास नहीं होती हैं सरकार का काम, राज्य के पास होने वाली संप्रभुता पॉवर का उपयोग करना होता हैं
राज्य ( देश ) का विरोध करने वाला देशद्रोही कहलाता हैं सरकार का विरोध किया जा सकता हैं क्योकि यह देशद्रोही नहीं होता हैं हमें सरकार का विरोध करने का पूरा अधिकार हैं

 

राष्ट्र क्या है? राज्य और राष्ट्र में अंतर – राष्ट्र और राज्य में अंतर ( State and Nation Difference ) – Nation in Hindi?

राज्य एक स्वतंत्र राजनीतिक इकाई हैं जिसकी एक स्पष्ट भौगोलिक सीमा होती हैं परन्तु राष्ट्र एक ऐसा इमोशन हैं जिसके कारण लोग एक दुसरे के साथ कल्चर, भाषा, को शेयर करते हैं

अथार्थ राष्ट्र में लोग एक दुसरे के साथ सामान भाषा, सामान सभ्यता के कारण बंधे हुए होते हैं जिसके कारण वह एक दुसरे को यूनिटी में बांधकर रखते हैं उदहारण के लिए, भारत में सामान भाषा, सामान सभ्यता के कारण लोग एक हैं

इसीलिए राज्य और राष्ट्र दोनों अलग – अलग हैं उदहारण के लिए, इंडिया वर्ष 1947 से पहले एक राज्य नहीं था परन्तु एक राष्ट्र था क्योकि उस समय भी सामान भाषा, सामान सभ्यता के लोग थें

राज्य ( State ) राष्ट ( Nation )
राज्य एक स्वतंत्र राजनीतिक इकाई हैं जिसकी एक स्पष्ट भौगोलिक सीमा होती हैं राष्ट्र एक ऐसा इमोशन हैं जिसके कारण लोग एक दुसरे के साथ कल्चर, भाषा, को शेयर करते हैं
राज्य समाज के लोगो की सहमति से मिलकर बना हैं एक राज्य के पास भूमि – भाग, जनसंख्या, संप्रभुता और सरकार होती हैं राष्ट्र , अधिक जनसंख्या से मिलकर बनता हैं
संप्रभुता अगर नहीं हैं तो राज्य का कोई महत्त्व नहीं हैं क्योकि संप्रभुता के मिलने के बाद ही राज्य बनता हैं राष्ट्र को बनाने के लिए किसी संप्रभुता की जरुरत नहीं होती हैं
राज्य एक राजनीतिक अवधारणा हैं क्योकि इसमें राज्य के द्वारा राज्य के लोगो के लिए काम किये जातें हैं

राष्ट्र एक सांस्कृतिक अवधारणा हैं क्योकि राष्ट्र के लिए सामान भाषा, सामान सभ्यता का होना जरुरी होता हैं

राज्य के अंदर सभी लोग कानून से बंधे हुए होते हैं राष्ट्र में लोग भावनाओ से जुड़े हुए होते हैं उदहारण के लिए, भारत में ब्रिटिश ने राज किया ( यहाँ इस बात को लेकर सभी भारतीय लोग भावनाओ से जुड़े हुए होते हैं क्योकि सभी भारतीय उससे इफ़ेक्ट हुए थे )
राज्य, किसी राष्ट्र से बड़ा हो सकता हैं उदहारण के लिए रूस वर्ष 1991 से पहले USSR था जिसमें 100 से अधिक राष्ट्रीयता के लोग रहते थे परन्तु वर्ष 1991 के बाद यह टूटकर 15 देशो में बट गया राष्ट्र भी एक राज्य से बड़ा हो सकता हैं उदहारण के लिए, वर्ष 1953 में कोरिया दो भागो में बट गया ( नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया ) परन्तु इन दोनों राज्यों के एकसमान लोग हैं राज्य इनका छोटा हैं परन्तु लोग यहाँ पर ज्यादा हैं

 

एक राष्ट्र राज्य कौन है?

अधिकतर राज्य ( देश ) “राष्ट्र राज्य” की परिभाषा को पूरा नहीं करते हैं क्योकि कुछ लोग एक राज्य को छोड़कर, दुसरे राज्य में चले जातें हैं इसीलिए उनकी राष्ट्रीयता भी वहां चली जाती हैं इसीलिए आज, अधिकतर राज्य ( देश ), राष्ट्र राज्य की परिभाषा को पूरा नहीं करतें हैं कुछ राज्य हैं जिनको राष्ट्र राज्य कहा जा सकता हैं आईलैंड, जापान, नार्थ कोरिया

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निष्कर्ष

यहाँ हमने समाज, संगठन, सरकार राज्य और राष्ट्र में अंतर बताने के साथ साथ उनकी परिभाषा को एक्सप्लेन करने का प्रयास किया हैं जब ग्रेजुएशन के दौरान राजनीतिक विज्ञान के एग्जाम में ऐसे सवाल आते है तो आप उनका सही उत्तर दे सकते हैं 

मैं यह उम्मीद करता हूँ कि कंटेंट में दी गई इनफार्मेशन आपको पसंद आई होगी अपनी प्रतिक्रिया को कमेंट का उपयोग करके शेयर करने में संकोच ना करें अपने फ्रिड्स को यह लेख अधिक से अधिक शेयर करें

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